हड्डी एवं जोड़ रोग के डॉ. दीपक चांदिल निलंबित, अनुशासनहीनता, लापरवाही एवं लेन-देन की शिकायतों पर कार्रवाई
मुरैना
कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन के आधार पर आयुक्त, चंबल संभाग द्वारा जिला चिकित्सालय, मुरैना में पदस्थ अस्थिरोग विशेषज्ञ डॉ. दीपक चांदिल को मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम-09 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।
कलेक्टर ने अवगत कराया है कि सिविल सर्जन-सह-मुख्य अस्पताल अधीक्षक, जिला चिकित्सालय, मुरैना द्वारा प्रतिवेदित किया गया कि डॉ. दीपक चांदिल, अस्थिरोग विशेषज्ञ, जिला चिकित्सालय, मुरैना द्वारा अपनी ड्यूटी पर अनुपस्थित रहना, एम.एल.सी. रिपोर्ट समय से नहीं भेजना, विकलांग बोर्ड में पूर्ण चिकित्सकीय परीक्षण किए बिना ही विकलांग प्रमाण-पत्र के लिए अपात्र घोषित करना तथा आए दिन सी.एम. हेल्पलाइन के अंतर्गत शिकायतें प्राप्त होना पाया गया है। इनमें ज्यादातर शिकायतें चिकित्सकीय कार्य में लापरवाही एवं पैसे के लेन-देन से संबंधित हैं।
डॉ. चांदिल को कार्यप्रणाली में सुधार हेतु कार्यालय, जिला चिकित्सालय, मुरैना से कई बार कारण बताओ सूचना-पत्र जारी किए गए, किन्तु इनके द्वारा कार्यप्रणाली में कोई सुधार नहीं किया गया। इनके विरुद्ध सी.एम. हेल्पलाइन में की गई शिकायतों के संबंध में भी कारण बताओ सूचना-पत्र जारी किए गए तथा क्षेत्रीय संचालक, स्वास्थ्य सेवाएं, ग्वालियर द्वारा भी कारण बताओ सूचना-पत्र जारी किए गए। दिनांक 15 जून 2026, 27 जून 2026 एवं 19 जून 2026 को जारी कारण बताओ सूचना-पत्रों का भी इनके द्वारा समयावधि में जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया, जिसके पश्चात भी कार्यप्रणाली में कोई सुधार नहीं किया गया।
सिविल सर्जन-सह-मुख्य अस्पताल अधीक्षक, जिला चिकित्सालय, मुरैना द्वारा पूर्व में भी कई बार अनुपस्थित रहने पर नोटिस दिए जाने के पश्चात भी कोई सुधार नहीं किए जाने के कारण इनके विरुद्ध कार्यवाही हेतु प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया था। उक्त कारणों से कार्यालय कलेक्टर, जिला मुरैना द्वारा दिनांक 09 फरवरी 2023 को कारण बताओ सूचना-पत्र जारी किया गया था, जिसके क्रम में डॉ. चांदिल द्वारा प्रस्तुत जवाब पूर्णतः समाधानकारक न पाए जाने से भविष्य में पुनरावृत्ति न किए जाने की चेतावनी देते हुए जारी कारण बताओ सूचना-पत्र नस्तीबद्ध किया गया था।
सिविल सर्जन-सह-मुख्य अस्पताल अधीक्षक, जिला चिकित्सालय, मुरैना द्वारा दिनांक 13 मार्च 2023 को पुनः प्रतिवेदित किया गया कि डॉ. दीपक चांदिल, अस्थिरोग विशेषज्ञ की ड्यूटी दिनांक 13 मार्च 2023 को माननीय राज्यपाल महोदय के आगमन के दौरान कारकेड में लगाई गई थी। इसके अनुक्रम में दिनांक 11 मार्च 2023 को उनके ओ.पी.डी. कक्ष में बैठकर मरीजों को देखने के दौरान डॉ. चांदिल द्वारा मरीजों के सामने जूता मारने एवं गाली-गलौज करते हुए अभद्रता की गई, जिसके क्रम में डॉ. चांदिल के विरुद्ध सख्त कार्यवाही किए जाने का निवेदन किया गया था।
सिविल सर्जन द्वारा अपने प्रतिवेदन के साथ उक्त घटना के संबंध में की गई शिकायत में अन्य चिकित्सकों, वार्ड बॉय तथा अन्य व्यक्तियों के हस्ताक्षर भी लिए गए। जिसमें डॉ. आशीष अग्रवाल, अस्थिरोग विशेषज्ञ, डॉ. अनुराग तोमर, नेत्र रोग विशेषज्ञ एवं डॉ. राघवेन्द्र यादव, मेडिकल विशेषज्ञ के कथन लिए जाने पर उनके द्वारा अपने कथनों में सिविल सर्जन द्वारा की गई शिकायत को सही बताया गया और शिकायती आवेदन पर अपने हस्ताक्षर होना भी स्वीकार किया गया।
उपरोक्त के परिप्रेक्ष्य में डॉ. दीपक चांदिल, अस्थिरोग विशेषज्ञ, जिला चिकित्सालय, मुरैना द्वारा उक्त कृत्य पदीय कर्तव्यों के निर्वहन में घोर लापरवाही, अनुशासनहीनता, स्वेच्छाचारिता एवं असंवेदनशीलता का द्योतक होकर मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम-5 के उपनियम (1), (2), (3) के विपरीत है। जिसके लिए मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के अंतर्गत डॉ. चांदिल को निलंबित किए जाने की अनुशंसा का प्रस्ताव कलेक्टर द्वारा आयुक्त, चंबल संभाग को प्रेषित किया गया।
कलेक्टर द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन एवं अनुशंसा के आधार पर आयुक्त, चंबल संभाग ने डॉ. दीपक चांदिल, अस्थिरोग विशेषज्ञ, जिला चिकित्सालय, मुरैना को मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम-09 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया है।
निलंबन अवधि में डॉ. चांदिल का मुख्यालय कार्यालय, सिविल सर्जन-सह-मुख्य अस्पताल अधीक्षक, जिला चिकित्सालय, मुरैना रहेगा तथा निलंबन अवधि में नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।
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